Message From Director

निदेशक की कलम से

प्रिय छात्र-छात्राओं,
सर्वप्रथम आपकी सफलता की कामना करते हुऐ गुरूकुल परिवार स्वागत करता हैं

जीवन में प्रत्येक व्यक्ति का एक लक्ष्य होता हैं। लक्ष्य का चुनाव विचारों के मंथन की एक लम्बी प्रक्रिया के बाद होता हैं। इस प्रक्रिया के दौरान विचारों का सतत् प्रवाह हमारे मस्तिष्क में होता हैं। जो विचार हमारे अनुकूल होते है, जिनमें हमें भविष्य में हमारा सर्वाधिक हित दिखाई पडता हैं, उसे ही हम अपने लक्ष्य के रूप में चुन लेते हैं। इस प्रकार वस्तुतः लक्ष्य एक विचार ही होता हैं।

यहां प्रश्न उठ सकता हैं कि जब हम इतना सोच समझकर लक्ष्य चुनते है तो फिर हम असफल क्यो हो जाते है? इसका जवाब हमारे ही अंदर छिपा हैं। हम विचार में दृढ़ता नहीं बनाए रखते। इस कारण हमारा लक्ष्य ताश के महल की तरह ढ़ह जाता हैं। अतः लक्ष्य प्राप्ति के लिए विचारों में दृढ़ता और लक्ष्य पर निगाहें आवश्यक हैं।
अपने लक्ष्य के प्रति आप कितने समर्पित हैं, हमेशा यही मायने नहीं रखता हैं। मायने रखता हैं लक्ष्य पर केन्द्रित रहना एवं लगातार उसी दिशा में बढते रहना। आपके जीवन में घटने वाली कई घटनाएँ एवं विचलित करने वाली परिस्थितियां आपको बहुत आसानी से अपने लक्ष्य से डिगा सकती हैं इसलिए अपने में विश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण तो जरूरी हैं ही, साथ ही साथ आवश्यक हैं कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान जिनके बिना लक्ष्य की प्राप्ति मुश्किल हो सकती हैं -

जो काम शुरू करें, उसे पूरा करें -
कभी आप स्वयं से ही यह कहते होंगे कि बहुत काम करना हैं पर समय नहीं हैं। हो सकता हैं यह सच हो, तो भी आपको सभी काम पूरे करने ही हैं। सही आपको लक्ष्य तक पहुँचाएगे। आसानी के लिए पहले एक काम पूरा करें। ऐसा करने से हर काम के बाद आप राहत महसूस करेंगे और शेष काम को भी शीघ्रता से समाप्त करने में जुट जाएंगे। इससे आपका आत्मविश्वास भी बढे़गा।

सकारात्मक दृष्टिकोण रखें -
कई बार आप अपने आपको ऐसी स्थितियों में पाते है, जब आपको किसी भी कार्य का नकारात्मक पहलू ही ज्यादा दिखाई देता हैं। ऐसे में आपको अपने नजरिए में तुरन्त बदलाव की एवं सकारात्मक दृष्टिकोण में सोच-विचार की आवश्यकता हैं। चीजों को देखने का नजरिया ही सारे मायने तय करता है। यही आपको लक्ष्य के करीब ले जा सकता हैं अथवा लक्ष्य से भटका सकता हैं। काम के दौरान आने वाली बाधाओं का आप समारात्मक दृष्टिकोण रखकर हल करेंगे तो लक्ष्य भी आपके निकट आता जाएगा।

लक्ष्य प्राप्ति के लिए समय को जाने -
लक्ष्य प्राप्ति के लिए समय का ध्यान रखकर उस दिशा में निरन्तर प्रयत्न करना चाहिए सफलता निश्चित प्राप्त होती है। आपके लक्ष्य चाहे जो भी हो केवल कठोर परिश्रम, समर्पण एवं एकाग्रता के सहारे ही आप अपने लक्ष्य तक पहुंच पाएंगे।

मुश्किले दिल के इरादे आज़माती हैं,
स्वप्न के पर्दे निगाहों से हटाती हैं।
हौसला मत हार गिरकर ओ मुसाफिर
ठोकरें इन्सान को चलना सिखाती है।।

आपको सदैव सफल और अग्रणी बनाने के लिए तत्पर -
संस्था निदेशक एवं प्रबन्ध सचिव
शरद एमं जोशी